ओडिशा कैडर की आईएएस अधिकारी सुजाता आर कार्तिकेयन ने वीआरएस ले लिया। इस मौके पर जानते हैं कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के ऐसे पांच आईएएस अधिकारियों के बारे में जो नौकरी छोड़कर केंद्र सरकार में मंत्री बने।
ओडिशा कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी सुजाता आर कार्तिकेयन ने आईएएस की नौकरी छोड़ दी। आईएएस से वॉलंटरी रिटायरमेंट (VRS) लेने के बाद सुजाता आर कार्तिकेयन का अगला कदम क्या होगा? क्या ये भी पति वीके पांडियन की तरह नौकरी छोड़ राजनीति की राह पकड़ेंगी? यह अभी पहेली बना हुआ है।
सुजाता आर कार्तिकेयन के पति वीके पांडियन तमिलनाडु में पैदा हुए और ओडिशा कैडर में 2000 बैव के आईएएस बने। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव पद पर भी काम किया और ओडिशा विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान वीआरएस लेकर बीजू जनता दल ज्वाइन कर ली।
ओडिशा में वीके पांडियन और उनकी पत्नी सुजाता आर कार्तिकेयन के वीआरएस से पहले भी भारतीय प्रशासनिक सेवा को कई ऐसे आईएएस अफसरों ने भी रिटायरमेंट से पहले छोड़ा, जो बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बन तक गए।
आइए जानते हैं कि ऐसे ही आईएएस अधिकारियों के बारे में जो वीआरएस लेकर मंत्री बने। सूची में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, यूपी में ऊर्जा एके शर्मा, पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा व छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी तक का नाम शामिल है।
1. अश्विनी वैष्णव का जीवन परिचय (Ashwini Vaishnav Biography in Hindi)
पूरा नाम: अश्विनी वैष्णव
जन्म: 18 जुलाई 1970
जन्मस्थान: जोधपुर, राजस्थान
पेशा: राजनीतिज्ञ, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर
राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
वर्तमान पद: केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (2021 – वर्तमान)
अश्विनी वैष्णव का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अश्विनी वैष्णव का जन्म राजस्थान के जोधपुर में हुआ। उन्होंने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में आईआईटी कानपुर से एम.टेक किया। इसके बाद उन्होंने यूएसए के व्हार्टन बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की।
अश्विनी वैष्णव का प्रशासनिक करियर (IAS अधिकारी के रूप में)
- साल 1994 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) परीक्षा उत्तीर्ण की और ओडिशा कैडर में नियुक्त हुए।
- साल 1999 में ओडिशा में आए सुपर साइक्लोन के दौरान उनकी प्रशासकीय क्षमता की सराहना हुई।
- प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्य किया।
- साल 2003 में अटल जी की आर्थिक नीतियों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- साल 2006 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश किया।
अश्विनी वैष्णव का राजनीतिक करियर (Ashwini Vaishnav Political Career)
- साल 2019 में भाजपा के समर्थन से ओडिशा से राज्यसभा सांसद बने।
- साल 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार में रेल मंत्री, संचार मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री के रूप में नियुक्त हुए।
- रेल मंत्री के रूप में उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस, रेलवे आधुनिकीकरण, डिजिटल इंडिया और 5G तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीं।
अश्विनी वैष्णव के महत्वपूर्ण कार्य और उपलब्धियां
रेलवे आधुनिकीकरण: ट्रेनों का अपग्रेडेशन, सेमी-हाई-स्पीड रेलगाड़ियों की शुरुआत।
डिजिटल भारत: 5G नेटवर्क की लॉन्चिंग और टेली-कॉम क्षेत्र में सुधार।
आत्मनिर्भर भारत: रेलवे में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा।
संवाद कौशल: प्रधानमंत्री मोदी की टीम में सबसे सक्रिय और टैक्नोक्रेट नेताओं में से एक।
2. अर्जुन राम मेघवाल का जीवन परिचय (Arjun Ram Meghwal Biography in Hindi)
पूरा नाम: अर्जुन राम मेघवाल
जन्म: 20 दिसंबर 1953
जन्मस्थान: बीकानेर, राजस्थान
पेशा: राजनीतिज्ञ, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी
राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
वर्तमान पद: केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री (2023 – वर्तमान)
अर्जुन राम मेघवाल का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अर्जुन राम मेघवाल का जन्म एक साधारण दलित परिवार में हुआ। उन्होंने बीकानेर के डूंगर कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली और बाद में राजस्थान विश्वविद्यालय से एमए (राजनीति विज्ञान) और एलएलबी (कानून) की पढ़ाई पूरी की।
अर्जुन राम मेघवाल का प्रशासनिक करियर
- राजस्थान में सरकारी सेवा में जाने से पहले वे एक बुनकर (हथकरघा उद्योग से जुड़े) थे।
- राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा पास की और प्रशासनिक अधिकारी बने।
- बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति मिली।
- चूरू जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया और अपनी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने गए।
- 2009 में IAS पद से इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया।
अर्जुन राम मेघवाल का राजनीतिक करियर (Arjun Ram Meghwal Political Career)
- साल 2009 में भाजपा के टिकट पर बीकानेर लोकसभा सीट से सांसद बने।
- इसके बाद 2014 और 2019 में फिर से सांसद चुने गए।
- साल 2016 में केंद्रीय मंत्री बने और विभिन्न मंत्रालयों (वित्त, भारी उद्योग, संसदीय कार्य) में कार्य किया।
- साल 2023 में किरेन रिजिजू की जगह केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री नियुक्त हुए।
अर्जुन राम मेघवाल के कानून मंत्री के रूप में प्रमुख कार्य
न्यायपालिका में पारदर्शिता और सुधार की पहल।
डिजिटल कोर्ट और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय से जुड़े कानूनों को प्रभावी बनाना।
अर्जुन राम मेघवाल साइकिल से संसद जाने वाले एमपी
अर्जुन राम मेघवाल अपनी सादगी, साइकिल से संसद जाने और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।
वे भारतीय राजनीति में दलित समाज के एक मजबूत नेता के रूप में उभरे हैं।
सामाजिक न्याय और प्रशासनिक सुधारों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
3. एके शर्मा (अरविंद कुमार शर्मा) का जीवन परिचय (AK Sharma Biography in Hindi)
पूरा नाम: अरविंद कुमार शर्मा (A. K. Sharma)
जन्म: 11 जुलाई 1962
जन्म स्थान: मऊ, उत्तर प्रदेश, भारत
राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
शिक्षा: B.A.- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
M.A.- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
पीएच.डी. – समाजशास्त्र में
एके शर्मा का प्रशासनिक करियर (IAS से राजनीति तक का सफर)
अरविंद कुमार शर्मा 1988 बैच के गुजरात कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे हैं। अपनी प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने गुजरात और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
एके शर्मा का गुजरात में कार्यकाल
उन्होंने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके साथ काम किया और व्यापार, निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसलों में शामिल रहे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कार्यकाल
2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब एके शर्मा को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सचिव नियुक्त किया गया। यहाँ उन्होंने नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाई।
एके शर्मा का राजनीतिक करियर (AK Sharma Political Career)
- जनवरी 2021 में अरविंद कुमार शर्मा ने आईएएस पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली और भाजपा में शामिल हो गए।
- BJP में शामिल होने के कुछ ही समय बाद वे उत्तर प्रदेश से विधान परिषद सदस्य (MLC) चुने गए।
- साल 2022 में योगी आदित्यनाथ सरकार में उन्हें नगर विकास और ऊर्जा मंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री पद दिया गया। वे उत्तर प्रदेश में शहरी विकास और बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं।
एके शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान और कार्य
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी: उन्होंने गुजरात और केंद्र सरकार में मोदी के साथ काम किया, जिससे उन्हें प्रशासनिक और विकास कार्यों का गहरा अनुभव प्राप्त हुआ।
- उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में योगदान: वे यूपी में निवेश लाने और बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए काम कर रहे हैं।
- “स्वच्छ और स्मार्ट शहर” योजना को बढ़ावा: नगर विकास मंत्री के रूप में शहरों के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- यूपी में ऊर्जा सुधार: बिजली व्यवस्था सुधारने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं।
4. यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय (Yashwant Sinha Biography)
पूरा नाम: यशवंत सिन्हा
जन्म: 6 नवंबर 1937
जन्म स्थान: पटना, बिहार, भारत
राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) (1993-2018), तृणमूल कांग्रेस (TMC) (2021-2022)
पद: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और विदेश मंत्री, भारत
शिक्षा: M.A.- राजनीति विज्ञान, पटना विश्वविद्यालय
प्रशासनिक सेवा – भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी (1960-1984)
यशवंत सिन्हा का प्रारंभिक जीवन और प्रशासनिक करियर
यशवंत सिन्हा का जन्म पटना, बिहार में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया और 1960 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए।
वे बिहार सरकार और भारत सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्यरत रहे।
1971 से 1973 तक वे फ्रांस में भारतीय दूतावास में फर्स्ट सेक्रेटरी रहे।
1980-1984 में भारत सरकार में वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया।
1984 में IAS से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर राजनीति में प्रवेश किया।
यशवंत सिन्हा का राजनीतिक करियर (Yashwant Sinha Political Career)
जनता दल (1984-1993)
1984 में जनता पार्टी में शामिल हुए और राजनीति की शुरुआत की।
1988 में राज्यसभा के सदस्य बने।
1990 में चंद्रशेखर सरकार में वित्त मंत्री बने।
भारतीय जनता पार्टी (1993-2018)
1995 में बिहार के हजारीबाग लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
1998-2002 अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री बने।
2002-2004 में भारत के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया।
2009 में लोकसभा चुनाव हार गए और बाद में 2014 में सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।
2018 में BJP छोड़ दी, यह कहते हुए कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों से भटक गई है।
तृणमूल कांग्रेस (2021-2022) और राष्ट्रपति चुनाव
2021 में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुए।
2022 में राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बने, लेकिन द्रौपदी मुर्मू से हार गए।
बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया।
यशवंत सिन्हा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां
आर्थिक सुधार – वित्त मंत्री के रूप में निजीकरण को बढ़ावा दिया और कई आर्थिक सुधार किए।
विदेश नीति – विदेश मंत्री के रूप में भारत की कूटनीति को मजबूत किया।
राजनीतिक योगदान – विभिन्न सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने गए।
5. अजीत जोगी का जीवन परिचय (Ajit Jogi Biography in Hindi)
पूरा नाम: अजीत प्रमोद कुमार जोगी
जन्म: 29 अप्रैल 1946
जन्म स्थान: पेंड्रा, बिलासपुर (अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), छत्तीसगढ़
मृत्यु: 29 मई 2020 (रायपुर, छत्तीसगढ़)
पेशा: राजनेता, आईएएस अधिकारी, इंजीनियर, प्रोफेसर
राजनीतिक दल
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) (1986-2016)
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCC) (2016-2020)
अजीत जोगी कौनसे पदों पर रहे?
- छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री (2000-2003)
- सांसद, लोकसभा और राज्यसभा सदस्य
- पूर्व IAS अधिकारी
अजीत जोगी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अजीत जोगी का जन्म छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने मैकलॉड कॉलेज, जबलपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून (LLB) की पढ़ाई की।
वे गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर थे और कुछ समय मैकलॉड कॉलेज में प्रोफेसर भी रहे।
1968 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए और मध्य प्रदेश कैडर में अधिकारी बने।
अजीत जोगी का प्रशासनिक करियर (IAS अधिकारी)
अजीत जोगी ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य किया, जिसमें इंदौर और रायपुर शामिल हैं। वे अपनी प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन 1986 में उन्होंने राजनीति में आने के लिए IAS से इस्तीफा दे दिया।
अजीत जोगी का राजनीतिक करियर
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1986-2016)
- 1986 में कांग्रेस में शामिल हुए और जल्द ही राज्यसभा के सदस्य बने।
- 1998 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने (रायगढ़ से)।
- 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, और वे राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने।
- 2003 में कांग्रेस ने चुनाव हार दिया, और वे विपक्ष के नेता बने।
- 2004 में लोकसभा चुनाव (महासमुंद से) लड़े लेकिन हार गए।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (2016-2020)
- 2016 में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी “जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़” बनाई।
- 2018 में विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार नहीं बना सके।
दुर्घटना और स्वास्थ्य समस्याएं
2004 में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे वे व्हीलचेयर पर आ गए। इसके बावजूद वे राजनीति में सक्रिय रहे। 29 मई 2020 को कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया।