आज दोपहर 12 बजे केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ बिल पेश किया। इस बिल को लेकर सदन में हंगामा हो रहा है। इधर सबसे बड़े राज्य यूपी में पुलिस अलर्ट मोड पर है।
मौलानाओं द्वारा चेतावनी जारी होते देखकर पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। इन सबके बीच सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खुद को राम का वंशज बताया है।
हम भी राम के वंशज
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम भी राम के वंशज हैं। आप लोग मुझे राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल करवा दीजिए। आप ऐसा क्यों नहीं करते हैं? कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार ने वक्फ बिल के जरिए जमीन को विवादित घोषित कर दिया। वक्फ की 78 फीसदी संपत्ति विवादित घोषित कर दी गई। जब तक जमीन विवादित रहेगी, तब तक वह भारत सरकार की संपत्ति रहेगी। इस जमीन विवाद का समाधान कब होगा, इसकी कोई समय सीमा नहीं है। वक्फ की संपत्ति गरीबों के लिए होती है। इससे होने वाली आय से वे अपना गुजारा कर सकते हैं। लेकिन सरकार इस पर भी अत्याचार करने में लगी हुई है।
नए बिल में क्या है?
नए विधेयक के अनुसार, संपत्ति का मालिक ट्रिब्यूनल के अलावा रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या अन्य उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगा। वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी। जब तक किसी ने संपत्ति वक्फ को दान नहीं की है, तब तक वह वक्फ संपत्ति नहीं होगी। भले ही उस संपत्ति पर मस्जिद क्यों न बनी हो। वक्फ बोर्ड में 2 महिलाएं और 2 अन्य धर्म के सदस्य नियुक्त किए जा सकेंगे।