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खेत की मेड़ पर ये 5 पेड़ लगाओ, हर महीने लाखों रुपये कमाओं! फसल से मिलेगा ज्यादा मुनाफा

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बालाघाट को धान का कटोरा कहा जाता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि यहां पर धान की उत्पादकता और उत्पादन मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा है. ऐसे में यहां धान की खेती किसानों की पहली पसंद है. ऐसे में किसान भाई अपनी आय को और भी बढ़ा सकते हैं.

बालाघाट को धान का कटोरा कहा जाता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि यहां पर धान की उत्पादकता और उत्पादन मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा है. ऐसे में यहां धान की खेती किसानों की पहली पसंद है. ऐसे में किसान भाई अपनी आय को और भी बढ़ा सकते हैं.

दरअसल, धान की खेती के बाद मेढ़ खाली रह जाते हैं. ऐसे में किसान भाई ऐसे कुछ पौधे लगा सकते हैं, जिससे उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है. आय एक साल में नहीं होगी, बल्कि उन्हें करीब पांच साल तक इंतजार करना पड़ेगा. जानिए वो पांच पौधे के बारे में…

खेत में पेड़ लगाना बेहद फायदेमंद है. पेड़ हर सूरत में फायदेमंद ही होते हैं. ऐसे में दो तरह के पेड़ किसानों को इस बारिश के मौसम में लगाना चाहिए. इसमें फलदार, छायादार, इमारती पेड़ शामिल है. ऐसे में जानिए कौन से पेड़ अभी लगा सकते हैं.

किसान भाई अपने खेत में फलदार पेड़ मेढ़ पर लगा सकते हैं. ऐसे में किसान भाई जामुन के पेड़ लगा सकते हैं. ये पेड़ तीन साल के बाद उत्पादन देना शुरू कर देता है. ऐसे में ये पेड़ छाया, तो देते ही हैं. साथ ही उत्पादन शुरू होने के बाद अतिरिक्त आय का साधन भी बनते हैं.

आम के पेड़ लगाने पर तीन साल बाद उत्पादन शुरू होगा, जिससे गर्मियों में किसान भाई का खाली समय होता है. ऐसे में वह इसकी खेती से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता है. इसी तरह वह अमरूद, बेर, चीकू सहित अन्य फलदार पेड़ लगा सकते हैं.

आम तौर पर सागौन को मेढ़ किसान भाई लगाते हैं. ऐसे में इस बार मेढ़ पर सागौन के पेड़ लगाते हैं, तो बढ़ती आबादी और बनते घरों को देखते हुए सागौन की डिमांड काफी है. ऐसे में इनकी कीमतें हर साल तेजी से बढ़ती है.

ऐसे में किसान भाई इसे मेढ़ पर लगा 7 से 8 साल बाद अपनी आय में तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. इसी तरह शीशम, बांस और यूकेलिप्टस फायदे का सौदा होगा.

इन पेड़ों को लगाने से किसान भाई अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ा सकते हैं. दरअसल, पेड़ की सूखी पत्तियां भूमि पर गिरती है, तो ह्यूमस तैयार होता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है.