Home व्यापार 1 लीटर पानी में डालें 1 ML ये दवा, धान के आसपास...

1 लीटर पानी में डालें 1 ML ये दवा, धान के आसपास नहीं फटकेंगे कीट, बीमारी कोई इलाज एक, इसे कहते हैं ब्रम्हास्त्र!

20
0

धान की खेती झारखंड-बिहार में बड़े पैमाने पर होती है. इस सीजन में धान के आच्छादन का क्षेत्र भी बढ़ा है. ऐसे में धान की देखभाल करना भी जरूरी है. धान की रोपाई से लेकर दूध भरने तक अलग-अलग स्टेज में अलग-अलग कीड़ों का प्रकोप होता है. जिससे फसल को भारी नुकसान होता है. ऐसे में एक ऐसी दवा है जो किसी भी कीड़े के प्रकोप से बचा सकती है.

दरअसल, धान की फसल में रोपा से लेकर दूध भरने तक अलग-अलग स्टेज में अलग-अलग कीड़े का प्रकोप होता है. ऐसे में किसानों के लिए ब्रह्मास्त्र के तौर पर एक रासायनिक दवा काम आती है. जिसके लिए किसान इमीडाक्लोरोपिड का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि किसानों को सीमित मात्रा में इस दवा का इस्तेमाल करना चाहिए.

कई स्टेज पर लगते हैं कीड़े
कृषि विज्ञान केंद्र पलामू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने लोकल 18 को बताया कि अलग फसलों में अलग कीड़ों का प्रकोप होता है. खरीफ सीजन में अरहर में भी कीड़े लगते हैं, मक्के में भी और धान में भी. पलामू जिला में इस बार अधिक वर्षा होने से धान की फसल का आच्छादन अधिक हुआ है. ऐसे में धान में कई चरणों में कीड़ें लगते हैं, जिससे बचाव के लिए एक दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं.

एक दवा दस इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि धान में अंकुरण से लेकर दूध भरने तक कीड़े के प्रकोप का खतरा रहता है. जिसमें स्टेम बोरर, पत्ता लपेटक, पत्ते काटने वाले कीड़े ज्यादा परेशान करते हैं. वहीं दूध भरते समय गंधक कीट और चैफर बीटल जैसे कीड़े का खतरा होता है. ये दानों का दूध चूस लेते हैं, जिससे फसल में भारी क्षति होती है. ऐसे में एक दवा ऐसी है जिसका इस्तेमाल सभी कीड़ों से बचाव के लिए कर सकते हैं.

एक्सपर्ट का कहना है कि धान में किसी भी कीड़े के प्रकोप से बचाव के लिए किसान इमीडाक्लोरोपिड का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका छिड़काव करने से सभी तरह के कीड़ों से फसल को बचाया जा सकता है. इसका इस्तेमाल आप दो से तीन बार कर सकते हैं. तीन बार से अधिक इस दवा का इस्तेमाल न करें.

इस तरह करें दवा का इस्तेमाल
इस दवा के इस्तेमाल करने के लिए 1 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर आप छिड़काव कर सकते हैं. इसे आप अलग अलग स्टेज में दवा का छिड़काव कर सकते हैं. इससे आपको कीड़े के प्रकोप से निजात मिलता है. सबसे पहले स्टेज में रोपाई के समय छिड़काव कर सकते हैं. जिस समय कल्ले निकालना शुरू होता है. दूसरा गाभा भरने के दौरान और तीसरा दूध भरने के दौरान आप छिड़काव कर सकते हैं.