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भिलाई में नाबालिग से मारपीट का सनसनीखेज मामला, रायपुर से अपहरण कर ले जाने का आरोप

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भिलाई: रायपुर के मोवा इलाके से एक 17 वर्षीय नाबालिग को कथित तौर पर कार में बैठाकर अगवा करने, रास्ते में मारपीट और लूट करने के बाद भिलाई ले जाकर सामूहिक रूप से पीटने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि करीब 10-11 युवकों ने नाबालिग को घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसके जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर हो गया। घायल को उपचार के लिए रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया है।

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण और लूट सहित गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

मोवा से कार में बैठाकर ले जाने का आरोप

घटना 10 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, अरमान सिद्दीकी, रोशन सोनी, मुदित मिश्रा और शिव सोनी ने दलदल सिवनी रोड, मोवा से 17 वर्षीय नाबालिग को एक वरना कार में बैठाया।

आरोप है कि कार में बैठाने के बाद ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उसे माना क्षेत्र की ओर ले जाया गया, जहां भी उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

कुम्हारी टोल के पास लूट का आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नाबालिग को भिलाई ले जाते समय कुम्हारी टोल प्लाजा के पास कार के भीतर ही उसके ब्रेसलेट, गले की चेन, अंगूठी, दो मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद छीन लिए गए।

बताया गया है कि 40 हजार रुपये नाबालिग के दोस्त के थे और उसका दोस्त रकम लेने आने वाला था। आरोप है कि दोस्त के पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने रकम अपने कब्जे में ले ली। इसके अलावा घायल के मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकालने का भी आरोप लगाया गया है।

भिलाई के मैदान में 10-11 युवकों ने घेरा

पीड़ित पक्ष के अनुसार, नाबालिग को भिलाई के एक मैदान में ले जाने के बाद वहां पांच-छह अन्य युवक भी पहुंच गए। इसके बाद करीब 10-11 युवकों ने उसे घेर लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की।

आरोप है कि नाबालिग पर बेसबॉल बैट से भी हमला किया गया। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मेडिकल जांच में उसके जबड़े में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर पाए जाने की बात सामने आई है।

खाकी वर्दी वाले व्यक्ति को लेकर भी दावा

मामले में एक खाकी वर्दी पहने व्यक्ति को लेकर भी पीड़ित पक्ष की ओर से दावा किया गया है। पीड़ित के मुताबिक, भिलाई ले जाते समय आरोपियों की एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने खाकी वर्दी के ऊपर जैकेट पहन रखी थी।

आरोप है कि उस व्यक्ति ने पहले घायल को कपड़े दिलाने और इसके बाद थाने जाकर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित का दावा है कि उसने कार में रहते हुए यह बातचीत खुद सुनी थी।

इसके बाद आरोपियों के कथित रूप से जामुल थाना पहुंचकर खुद को पीड़ित बताने की कोशिश करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस पूछताछ में बयानों में विरोधाभास

जामुल थाना प्रभारी राकेश कुटेश्वर के अनुसार मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और पीड़ित की शिकायत पर अपराध दर्ज किया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रोशन सोनी और अरमान सिद्दीकी से पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास सामने आया। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर तीन बार अपने बयान बदले। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण और लूट जैसी धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।

सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन खंगाल रही पुलिस

दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मोवा से लेकर माना, कुम्हारी टोल प्लाजा और भिलाई तक कार की आवाजाही से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

इसके अलावा आरोपियों और पीड़ित की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्य और कथित तौर पर लूटे गए सामान की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी है। खाकी वर्दी वाले व्यक्ति से जुड़े आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।