आरंग : रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। आरंग, मंदिर हसौद और खरोरा थाना क्षेत्रों में पिछले 45 दिनों के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद होने के बाद इलाके में चल रहे शराब के कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर अवैध सप्लाई के मामलों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
ताजा कार्रवाई में मंदिर हसौद पुलिस ने 3 शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 100 पौवा देशी शराब और नगदी बरामद की है। इसके अलावा 6 अन्य लोगों के खिलाफ आबकारी एवं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
45 दिन में 1600 से ज्यादा पौवा शराब जब्त
रायपुर ग्रामीण के तीन थाना क्षेत्रों में सामने आए पुलिस के आंकड़े अवैध शराब के कारोबार के पैमाने को दिखाते हैं। पिछले करीब डेढ़ महीने में आरंग, मंदिर हसौद और खरोरा पुलिस ने मिलकर 78 प्रकरण दर्ज किए हैं।
– आरंग थाना: 26 मामले, 35 आरोपी गिरफ्तार, 675 पौवा अवैध शराब जब्त।
– मंदिर हसौद थाना: 26 मामले, 26 आरोपी गिरफ्तार, 423 पौवा शराब बरामद।
– खरोरा थाना: 26 मामले, 513 पौवा अवैध शराब जब्त।
इन तीनों थाना क्षेत्रों को मिलाकर पुलिस ने 45 दिनों में 1600 से अधिक पौवा अवैध शराब बरामद की है। लगातार हो रही कार्रवाई के बीच शराब की अवैध बिक्री और सप्लाई पर प्रभावी निगरानी को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सरकारी शराब दुकान से कथित सप्लाई का मामला
इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर तस्करी के लिए शराब उपलब्ध कराए जाने से जुड़ा है। हाल ही में आरंग पुलिस ने गुल्लू स्थित शराब दुकान में कार्रवाई करते हुए सुपरवाइजर, सेल्समैन, मल्टी-वर्कर और एक संकुल समन्वयक शिक्षक समेत कुल 7 लोगों को कथित शराब तस्करी के मामले में पकड़ा था।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सरकारी शराब दुकानों से अवैध कारोबार के लिए शराब की कथित सप्लाई और उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
पुलिस की लगातार कार्रवाई से बढ़ी हलचल
आरंग, मंदिर हसौद और खरोरा क्षेत्र में पुलिस की लगातार कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। ताजा मामले में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य 6 लोगों पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।
वहीं, 45 दिनों में तीन थानों से सामने आए बरामदगी के आंकड़ों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की आवाजाही पर आबकारी विभाग की निगरानी और कार्रवाई किस स्तर पर हुई।



