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हड्डियों से लेकर मांसपेशियों तक, Vitamin D की कमी होने पर शरीर में दिखते हैं ये 5 संकेत

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Vitamin D Deficiency Symptoms: विटामिन D शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है। यह कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए भी विटामिन D जरूरी माना जाता है।

आज की बदलती जीवनशैली में पर्याप्त धूप न मिलना विटामिन D के कम स्तर से जुड़ा एक कारण हो सकता है। हालांकि, शरीर में विटामिन D की कमी होने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।

19 सितंबर को एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद ने सोशल मीडिया पर विटामिन D की कमी से जुड़े कुछ संकेत साझा किए। इनमें से प्रमुख संकेत इस तरह हैं:

1. हड्डियों में दर्द

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी गंभीर और लंबे समय तक रहने वाली कमी से हड्डियों का खनिजीकरण प्रभावित हो सकता है, जिसे ऑस्टियोमलेशिया कहा जाता है।

ऐसी स्थिति में खासकर कमर के निचले हिस्से, कूल्हों, पेल्विस और पैरों में दर्द या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। हालांकि, शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने का मतलब केवल विटामिन D की कमी होना नहीं है।

2. मांसपेशियों में कमजोरी

विटामिन D का कम स्तर मांसपेशियों की कमजोरी से भी जुड़ा हो सकता है। इसका असर खासकर कूल्हों और जांघों के आसपास की मांसपेशियों पर महसूस हो सकता है।

रोजमर्रा के कामों में इसके संकेत सीढ़ियां चढ़ने, जमीन या नीची कुर्सी से उठने जैसे कामों में परेशानी के रूप में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, मांसपेशियों की कमजोरी के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

3. लगातार थकान

बिना ज्यादा मेहनत के भी बार-बार थकान महसूस होना कई कारणों से हो सकता है। कुछ अध्ययनों में कम विटामिन D स्तर और थकान या अवसाद जैसे लक्षणों के बीच संबंध देखा गया है।

लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि विटामिन D की कमी को थकान या डिप्रेशन का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। लगातार थकान रहने पर इसके दूसरे संभावित कारणों की भी जांच जरूरी हो सकती है।

4. मामूली चोट में फ्रैक्चर

लंबे समय तक गंभीर विटामिन D की कमी रहने पर हड्डियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। ऑस्टियोमलेशिया जैसी स्थिति में हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और सामान्य दबाव सहने की क्षमता कम हो सकती है।

ऐसे में मामूली चोट या सामान्य गतिविधि के दौरान भी हड्डी में चोट लगने का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, फ्रैक्चर केवल विटामिन D की कमी के कारण नहीं होते। ऑस्टियोपोरोसिस, कुछ दवाएं और हड्डियों से जुड़ी अन्य स्थितियां भी इसका कारण हो सकती हैं।

5. शरीर में बार-बार कमजोरी या दर्द महसूस होना

विटामिन D का स्तर कम होने पर कुछ लोगों में सामान्य कमजोरी, शरीर में दर्द या मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी महसूस हो सकती है। लेकिन ऐसे लक्षण काफी सामान्य हैं और इनके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन D की कमी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह और रक्त जांच के जरिए इसकी पुष्टि की जा सकती है।

Vitamin D की कमी का पता कैसे चलेगा?

विटामिन D की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार 25-hydroxy vitamin D (25-OH-D) रक्त जांच की सलाह दे सकते हैं। अगर लगातार हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी या असामान्य थकान जैसी परेशानी बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

ध्यान रखें: बिना जांच या चिकित्सकीय सलाह के विटामिन D की हाई-डोज सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। इसकी अधिक मात्रा भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।