तेहरान : ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने दावा किया है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान मुज्तबा खामेनेई को तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया था।
हैदरी ने कतर के टेलीविजन नेटवर्क अल अरबी को दिए इंटरव्यू में बताया कि शुरुआती हमले में घायल होने के बाद मुज्तबा खामेनेई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। उनके मुताबिक, इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया और मुज्तबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे।
हैदरी के अनुसार, इसी अस्पताल पर हमले के बाद मुज्तबा खामेनेई को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मलबे से निकलने के बाद कहां गए मुज्तबा?
रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल से निकाले जाने के बाद मुज्तबा खामेनेई को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद से उनके सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले उनके गंभीर रूप से घायल होने की बात कही थी, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हालिया बयान में उनके स्वस्थ होने और उनसे मुलाकात की बात कही है।
सुप्रीम लीडर चुने जाने की कहानी भी बताई
मोहसेन हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर चुने जाने की प्रक्रिया को लेकर भी कई दावे किए हैं। उनके अनुसार, 8 मार्च 2026 को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठक में मुज्तबा के नाम पर फैसला हुआ था। हैदरी का दावा है कि मुज्तबा को कथित तौर पर अपने चयन की जानकारी तब मिली, जब ईरानी सरकारी टेलीविजन पर इसकी घोषणा हुई।
हैदरी के मुताबिक, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के क़ोम स्थित सचिवालय पर भी हमला हुआ था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले में 8 लोगों की मौत हुई और नए सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़े दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
59 में से 50 वोट मिलने का दावा
हैदरी के अनुसार, गुप्त प्रक्रिया के दौरान मुज्तबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले। वहीं, 8 वोट अयातुल्ला अलीरेजा अराफी के पक्ष में गए और एक सदस्य ने मतदान नहीं किया। मार्च में उनकी नियुक्ति की पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने भी की थी, हालांकि मतदान के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।
हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई को लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहने वाला व्यक्ति बताया। उनका कहना था कि सुप्रीम लीडर बनने से पहले मुज्तबा ने ईरानी सरकार में कोई औपचारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला था, हालांकि उनके पिता के सलाहकार के तौर पर काम करने की खबरें सामने आती रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अस्पताल के मलबे से निकाले जाने के बाद मुज्तबा खामेनेई की वास्तविक स्थिति क्या है और वह सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आए हैं। इस संबंध में उपलब्ध जानकारी मुख्यतः हैदरी के दावे और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।



