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कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं और पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने ली जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक

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बेमेतरा : जिले को नशा मुक्त बनाने तथा अवैध मादक पदार्थों, शराब और नशीली दवाओं की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं पुलिस अधीक्षक श्री त्रिलोक बंसल ने की। बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, युवाओं को नशे से दूर रखने तथा जनजागरूकता बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

नशे के खिलाफ अपनाई जाएगी जीरो टॉलरेंस की नीति

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि “नशा मुक्त भारत अभियान” को जिले में जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। नशा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है और समाज तथा युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अवैध शराब और मादक पदार्थों पर होगी कार्रवाई

बैठक में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर आबकारी एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री तथा गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के संभावित ठिकानों पर नियमित रूप से छापेमारी करने और अंतरजिला सीमाओं पर सघन जांच एवं निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

शिक्षा विभाग के माध्यम से जिले के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें व्याख्यान, पोस्टर प्रतियोगिता, शपथ कार्यक्रम सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी। विद्यालय परिसरों में नशा मुक्ति क्लब गठित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

नशा मुक्ति केंद्रों को किया जाएगा सक्रिय

स्वास्थ्य विभाग को जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। नशे की लत से प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें काउंसलिंग एवं उपचार के लिए प्रेरित करने को कहा गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों पर भी निगरानी

नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री तथा सोशल मीडिया के माध्यम से नशीले पदार्थों के प्रचार-प्रसार पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए। साइबर सेल को संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जनभागीदारी से बनेगा नशा मुक्त बेमेतरा

कलेक्टर ममगाईं ने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नशे की समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार की जानकारी तत्काल पुलिस या प्रशासन को देने की अपील की। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा गया।