फाइबर हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा है। यह पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाने में भी भूमिका निभाता है। डाइट में फाइबर की पर्याप्त मात्रा न होने पर सिर्फ कब्ज ही नहीं, बल्कि शरीर में कई दूसरे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं।
कैलिफोर्निया में प्रैक्टिस करने वाले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने ऐसे कुछ संकेत बताए हैं, जो डाइट में फाइबर की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं।
1. खाना खाने के तुरंत बाद लगने लगती है भूख
अगर खाना खाने के कुछ समय बाद ही दोबारा भूख लगने लगे, तो इसकी एक वजह भोजन में पर्याप्त फाइबर की कमी हो सकती है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इसलिए डाइट में फाइबर कम होने पर भूख जल्दी लग सकती है।
2. खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ना
डॉ. सेठी के मुताबिक, घुलनशील फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा करने में मदद कर सकता है। इससे भोजन के बाद ब्लड ग्लूकोज में होने वाली तेज बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, खाने के बाद ब्लड शुगर में बदलाव कई दूसरे कारकों पर भी निर्भर करता है।
3. बढ़ सकता है बैड कोलेस्ट्रॉल
फाइबर की कमी को लेकर एक और चिंता कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी है। खासतौर पर घुलनशील फाइबर LDL यानी ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ को कम करने में मदद कर सकता है। LDL का बढ़ा हुआ स्तर हृदय रोग के जोखिम से जुड़ा हुआ है।
4. मल का सख्त होना
कब्ज और सख्त मल फाइबर की कमी का जाना-पहचाना संकेत हो सकता है। फाइबर मल में मात्रा बढ़ाने और पानी को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे मल त्याग आसान हो सकता है।
5. मल का बहुत ढीला होना
फाइबर का काम सिर्फ कब्ज दूर करना ही नहीं है। घुलनशील फाइबर पानी को सोखकर जेल जैसा बन सकता है, जिससे कुछ मामलों में ढीले मल को सामान्य करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, लगातार दस्त या ढीले मल की समस्या के पीछे संक्रमण, भोजन संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।
6. कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद थकान
अगर कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाना खाने के बाद अचानक सुस्ती या थकान महसूस होती है, तो यह भोजन के बाद ब्लड शुगर में तेज उतार-चढ़ाव से जुड़ा हो सकता है। डॉ. सेठी के अनुसार, भोजन में फाइबर की कमी भी इसमें भूमिका निभा सकती है।
7. नियमित रूप से मल त्याग न होना
अगर मल त्याग नियमित नहीं है या पेट पूरी तरह साफ न होने जैसा महसूस होता है, तो डाइट में फाइबर की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी हो सकता है। पर्याप्त फाइबर मल की बनावट और आंतों की नियमितता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
फाइबर बढ़ाने के लिए क्या खाएं?
डाइट में फाइबर बढ़ाने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, चने, नट्स और बीज जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। फाइबर की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना बेहतर रहता है।
अगर कब्ज, लगातार दस्त, अचानक वजन कम होना, मल में खून या पेट से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो केवल फाइबर बढ़ाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।



